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Beti Ka Pyaar (Story On A Daughter)

  कई बार हम जिनको अपना समझते हैं वो पराये हो जाते हैं , और जिनको पराया कर देते हैं वो हमें अपना मानते हैं   " सीमा इधर आना" कुमुद के आवाज लगाते ही, "जी माँ , कहिये , कुछ काम हैं?" सीमा ने कुमुद से पूछा। "बेटा मेरी दवाई नहीं मिल रही हैं" कुमुद ने अपने दाएँ-बाएँ देखते हुए कहा। "कौनसी दवा माँ" सीमा के पूछते ही , " अरे वही जो मैं रात को सोने से पहले लेती हूँ" कुमुद ने जवाब दिया। "माँ तुम भी कमाल करती हो , अभी थोड़ी देर पहले ही तो मैंने तुम्हें दवाई दी हैं , आज फिर भूल गयी ना , ये जो तुम्हारे भूलने की आदत हैं ना माँ, किसी दिन बहुत बड़ा बवाल खड़ा कर देगी" सीमा ने कुमुद को डाँटते हुए ये बात कही। "अरे बेटा क्या बताऊँ , ये उम्र ही ऐसी हैं , तू नाराज़ मत हो , आ मेरे पास बैठ , बच्चे सो गए ?" कुमुद ने सीमा से प्यार से पूछा। "हाँ सो गए और अब आप भी सो जाइये" सीमा ने कहा। "अरे बाबा सो जाऊँगी , वैसे भी पूरा दिन आराम ही तो करती हूँ , तू कुछ काम कहाँ करने देती हैं।" कुमुद के ऐसा कहते ही सीमा ने ...

Cancer Se Jung (Story On A Cancer Patient )

जो नहीं मानते हार जीवन में आने वाली मुश्किलों से झुकाता है सिर अपना खुदा उनकी हिम्मत के आगे   " मुकुल , तुम आज रिया को स्कूल छोड़ दो , मुझे ऑफिस जाने में देर हो रही है।" अनिता ने लगभग चिल्लाते हुए कहा। "चिल्ला क्यों रही हो, सुनाई देता हैं मुझे , बहरा नहीं हूँ, और वैसे भी ये कौनसी नई बात हैं , रोज़ तुम्हें ऑफिस के लिए देर होती है और फिर में ही रिया को स्कूल छोड़ता हूँ" मुकुल ने अख़बार एक तरफ पटकते हुए कहा। "अरे बाबा नाराज़ क्यों हो रहे हो , तुमने आज ऑफिस से छुट्टी ली है तो इतना तो कर ही सकते हो" अनिता ने लगभग आग्रह करते हुए कहा। "इतना तो मैं रोज़ ही करता हूँ , सोचा था आज घर पर आराम करूँगा" मुकुल ने गुस्से में कहा "अच्छा ठीक है तुम नाराज़ मत हो , मैं ही रिया को छोड़ दूँगी, तुम अपनी छुट्टी का लुत्फ़ उठाओ और हाँ खाना बना रखा है गरम करके खा लेना" अनिता ने मुकुल को मनाते हुए कहा। "तुम रहने दो मैं छोड़ दूँगा तुम्हें देर हो रही होगी" मुकुल के कहते ही , " ठीक हैं आज तुम छोड़ दो , फिर कल से मैं ले जाया करूँगी , वादा , अब थोड़...