Beti Ka Pyaar (Story On A Daughter)
कई बार हम जिनको अपना समझते हैं वो पराये हो जाते हैं , और जिनको पराया कर देते हैं वो हमें अपना मानते हैं " सीमा इधर आना" कुमुद के आवाज लगाते ही, "जी माँ , कहिये , कुछ काम हैं?" सीमा ने कुमुद से पूछा। "बेटा मेरी दवाई नहीं मिल रही हैं" कुमुद ने अपने दाएँ-बाएँ देखते हुए कहा। "कौनसी दवा माँ" सीमा के पूछते ही , " अरे वही जो मैं रात को सोने से पहले लेती हूँ" कुमुद ने जवाब दिया। "माँ तुम भी कमाल करती हो , अभी थोड़ी देर पहले ही तो मैंने तुम्हें दवाई दी हैं , आज फिर भूल गयी ना , ये जो तुम्हारे भूलने की आदत हैं ना माँ, किसी दिन बहुत बड़ा बवाल खड़ा कर देगी" सीमा ने कुमुद को डाँटते हुए ये बात कही। "अरे बेटा क्या बताऊँ , ये उम्र ही ऐसी हैं , तू नाराज़ मत हो , आ मेरे पास बैठ , बच्चे सो गए ?" कुमुद ने सीमा से प्यार से पूछा। "हाँ सो गए और अब आप भी सो जाइये" सीमा ने कहा। "अरे बाबा सो जाऊँगी , वैसे भी पूरा दिन आराम ही तो करती हूँ , तू कुछ काम कहाँ करने देती हैं।" कुमुद के ऐसा कहते ही सीमा ने ...