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सितंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Waham (A Murder Mystery)

        हर क़दम तेरी साज़िशों का शिकार होती रही मैं जान ली तूने पर ख़ुदकुशी का दाग लगा बैठी मैं     दिसंबर का महीना चल रहा था , और कड़ाके की ठण्ड पड़ रही थी , रात के तक़रीबन दो बजे होंगे , नन्दनी बिस्तर पर काफी देर से करवटे बदल रही थी , नींद उसकी आँखों से कोसो दूर थी , ऐसा नहीं था कि उस दिन वो पहली बार घर पर अकेली थी , इससे पहले भी विक्रम अपने ऑफिस के काम से टूर पर जाता रहा था , फिर ना जाने क्यों नंदनी को अजीब सी घबराहट हो रही थी।घबराहट की वजह से नंदनी का गला सूखने लगा , पानी पीने के इरादे से वो अपने बिस्तर से उठी ही थी कि उसे अचानक से खिड़की पर किसी व्यक्ति की परछाई दिखाई दी , वो घबरा कर फिर से रज़ाई में घुस गयी , " जय हुनमान ज्ञान गुन सागर , जय कपीस तिहुँ लोक उजागर" अपना डर भगाने के लिए वो हनुमान चालीसा का पाठ करने लगी ही थी कि अचानक से दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़ आने लगी। " इस वक़्त कौन होगा! कहीं वो खिड़की वाला इन्सान तो नहीं।" नंदनी बड़बड़ाने लगी।दूसरी ओर दरवाज़े पर दस्तक लगातार बढ़ती ही जा रही थी , घबराती हुई नंदनी जैसे ही दरवाज़े के पास गई , " दरवाज़ा खोलो ...

Bin Kuch Kahe (Story On Friendship)

दिल का हर राज़ बताया हैं मैने तुझे ऐ मेरे दोस्त लेकिन बिन कुछ कहे तुम क्यों हो गए ख़ामोश   आज पूरे पाँच साल बाद मैं डॉक्टर बनकर शहर से वापिस अपने गाँव लौट रहा हूँ ,  मन में ख़ुशी हैं कि मैने गाँव की भलाई के लिए कुछ किया हैं , क्यों कि अपने गाँव से मैं ही पहला डॉक्टर बना हूँ , पापा को तो आज मुझ पर गर्व होगा , वो तो ख़ुशी से फूले नहीं समा रहे होंगे , माँ ने भी तो मेरे स्वागत में तरह-तरह के पकवान बनाए होंगे आज घर पर , और मेरे दोस्त वो भी तो खुश होंगे मेरे आने की ख़ुशी में , वैसे तो इन पाँच सालों के दौरान ना जाने कितनी ही बार घर पर और दोस्तों से मेरी फ़ोन पर बात हुई , फिर भी आज सबसे मिलने की उत्सुकता शायद शब्दों में बयां ना कर पाऊँ। यह सब सोचते-सोचते अचानक से रिक्शा राशि के घर के सामने से गुज़रा , तो एकाएक ही उसका चेहरा मेरी आँखों के सामने घूम गया , राशि मेरी बचपन की दोस्त हैं और मेरी राज़दार भी , राज़दार इसलिए क्यों कि मैं उसके साथ अपने मन की हर बात बाँटता था , बहुत बातें करते थे हम दोनों , शहर जाने के बाद एक वो ही तो थी जिसको मैने सबसे ज्यादा याद किया था , शुरुआती दिनों में तो ...