Ehsaas Ishq Ka (Story On Love}
हर कदम तू चलना मेरे साथ ऐ मेरे हमसफ़र ना छोड़ना गमों के भवरं में तन्हा ऐ मेरे हमसफ़र यह कहानी राहुल की हैं , राहुल इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल ब्रांच के थर्ड ईयर में पढ़ने वाला छात्र था। राहुल के तीन दोस्त भी थे जो हर पल उसके साथ ही रहते थे , यश , नमन और अंकित। जब यह चारों मिल जाते तब तो मानो प्रलय ही आ जाता , पूरा कॉलेज ही इनकी शरारतों से परेशान रहता था , कभी किसी लड़की को छेड़ना , कभी जूनियर छात्रों को परेशान करना तो कभी क्लास में प्रोफेसर को पढ़ाने नहीं देना। कई बार तो कॉलेज के प्रिंसिपल के द्वारा इन चारों के घरों से इनके माता-पिता को भी बुलवाया गया और इनकी शिकायत की गई , लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला, क्योंकि यह चारों ही बड़े बाप की बिगड़ी हुए औलादे थी, इनकी सबसे बड़ी ताक़त इनके बाप का पैसा था। कॉलेज के प्रोफेसर और छात्र यह सोच कर अपने आप को तसल्ली देते कि चलो कोई बात नहीं अब इन चारों का एक साल ही बचा हैं वो भी जैसे तैसे निकल जायेगा। एक दिन प्रोफेसर शुक्ला की क्लास चल रही थी ," सर क्या हम अंदर आ सकते हैं?" राहुल ने पूछा, " हाँ आ सकते हो, लेकिन यह क्लास में आने का ...