Vradhashram (Article On Old Age)
आज फिर एक बड़ी-सी गाड़ी वृद्धाश्रम के सामने आकर रुकी , उसमे से एक धन-धान्य से संपन्न नज़र आने वाला दम्पति उतरा , और फिर उनके बाद एक बेहद ही लाचार व बेबस सा नज़र आने वाला वृद्ध दम्पति उतरा , और चारों वृद्धाश्रम के रिसेप्शन की ओर बढ़ गए , फ़र्क सिर्फ इतना था कि रिसेप्शन की ओर जाते वक़्त वृद्ध दम्पति की चाल धीमी थी , मानों की वो बेमन से जा रहे हो , और कुछ ही देर में वो धन-धान्य से संपन्न नज़र आने वाला दम्पति उस वृद्ध दम्पति को छोड़कर वहाँ से चला गया , जाते वक़्त उस धन-धान्य से संपन्न दम्पति के चेहरे पर सुकून था लेकिन वृद्ध दम्पति की आँखों में आँसू। ये दृश्य मैंने आज पहली बार नहीं देखा इससे पहले भी कई बार देखा हैं , ना जाने कितनी ही बूढ़ी आँखों को रोते हुए देखा हैं , ना जाने कितने जवान दम्पतियों को यहाँ से जाते समय मुस्कुराते हुए देखा हैं। दोस्तों में जानता हूँ कि आप सभी इस वक़्त मेरा परिचय जानने के लिए उत्सुक हो रहे हैं। मेरा नाम समय हैं , कोई मुझे वक़्त कहता हैं , कोई टाइम , काल व वेला के नाम से भी मुझे जाना जाता हैं। और ये मेरा दुर्भाग्य हैं कि मैं आजकल वो सब ...