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जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Galti Nahi Gunah (Story On Family)

   ग़र सीख लेते तुम भावनाओं पे क़ाबू रखने का हुनर तो होती ना ये खता तुमसे , बिगड़ते नहीं रिश्ते अपनों से   भानु प्रताप जी के घर का माहौल आज सुबह से ही गर्माया हुआ हैं ,  उनके बेटे कमल और बहु मंजरी के बीच   भयंकर झगड़ा जो छिड़ा हुआ हैं ,  भानु प्रताप जी का पोता चीकू और पोती अनु तो आज अपने कमरे में सुबह से ही डरें सहमे से बैठे हैं। " मेरी तो समझ ही नहीं आ रहा हैं कि बहु इतनी सी बात का क्यों बतंगड़ बना रही हैं ,  अरे हो गयी गलती कमल से ,  अब माफ़ी माँग रहा हैं ना वो" "देखिए आशा जी ख़बरदार जो आपने अपने बेटे का पक्ष लिया ,  गलती नहीं गुनाह किया हैं उसने ,  शादी-शुदा एवं दो बच्चो का बाप होने के बावज़ूद किसी गैर लड़की से सम्बन्ध बना बैठा और आप उसे माफ़ करने को   कह   रही हैं ,  अगर   मैं कमल की जगह होता तो क्या आप मुझे माफ़ कर देती  ?"  भानु प्रताप जी की कही बातों ने उनकी पत्नी आशा को निरुत्तर कर दिया। भानु प्रताप जी का   एक पब्लिकेशन हाउस हैं ,  जिसकी बागड़ोर उन्होंने पाँच साल पहले तबीयत ख़राब हो जाने ...

Ishq Mein Gunaah (A Murder Mystery)

इश्क़ कोई गुनाह नहीं ,  पर गुनाह हैं इश्क़ में गुनाह करना   किसी की जान लेने से मिलता नहीं प्यार अपना   " जिस वक्त कत्ल हुआ तुम कहाँ   थे ?" " साहब जी ,  मै रसोईघर में शाम के खाने की तैयारी कर रहा था ,  कुछ पूछने के लिए मेमसाब के कमरे में आया तो देखा कि मेमसाब जमीन पर गिरी हुई हैं ,  और उनके पेट में चाकू लगा हुआ हैं" घर के नौकर रामदीन ने घबराते हुए कहा। " तुमने किसी को आते-जाते नहीं देखा ?" " नहीं" "घर में और कौन था तुम्हारे अलावा ?" " जी माली ,  बाहर पौधों में पानी डाल रहा था।" "कौन है यहाँ   माली ?" " मैं साहब जी" "क्या तुमने किसी को आते-जाते नहीं देखा ?" " नहीं" "घर में एक आदमी घुसकर घर की मालकिन का कत्ल कर देता हैं ,  और उस वक्त वहाँ   मौजूद दोनों नौकरों में से किसी को कुछ पता ही नहीं चलता ,  बेवकूफ समझा हैं   तुम दोनों ने मुझे ,  शिंदे गिरफ्तार कर लो दोनों को" "लेकिन साहब हमारा कसूर क्या हैं ?" " पुलिस को तुम दोनों पर शक है।...