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जनवरी, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Do Roop (Story On Fraud)

ट्रिनन्न , " आशा देखना ज़रा दरवाज़े पर कौन हैं ,  बाहर इतनी तेज़ बारिश हो रही हैं ,  कौन हो सकता हैं इस वक़्त" शिवानी खुद से ही बात करती हुई आशा के पीछे-पीछे चल दी। "जी कहिये ,  किससे मिलना हैं |"  शिवानी ने दरवाज़े पर खड़ी महिला का ऊपर से नीचे तक मुआयना करते हुए पूछा |  " माफ़ कीजिए इस वक़्त बहुत तेज़ बारिश हो रही हैं ,  और मेरे पास छाता भी नहीं हैं ,  क्या मैं आपके घर के   बाहर बने इस शेड़ के नीचे कुछ देर के लिए रूक सकती हूँ।"   " जी ज़रूर" शिवानी के कहते ही ,  " धन्यवाद"   " पता नहीं कौन हैं ,  जो इस बारिश में फँस गयी ,  ख़ैर कोई बात नहीं आशा ऐसा कर एक कप मसालेदार चाय बना दे उस महिला के लिए"   " लेकिन भाभी ,  हम तो उसे जानते भी नहीं हैं।"   " हाँ तो क्या हुआ मैं तो इंसानियत के नाते चाय देने   के लिए कह रही हूँ  |"  " जी भाभी" और कुछ देर बाद जब आशा चाय लेकर बाहर गयी तो वो महिला नदारद थी।"   " भाभी वो तो नहीं हैं।"   " लेकिन इतनी तेज़ बारिश में कहाँ चली गयी ,  चल कोई बात नहीं अब ये चाय...

Jo Socha Naa Tha (Story On Fraud marriage)

मुंबई के जुहू बीच पर बैठी शीतल ना जाने कितनी ही देर से समुद्र में उठती लहरों को एकटक देख रही थी ,  इतने में ही एक शख्स उसके सामने आकर खड़ा हो गया , " हाय शीतल"   " हाय ,  माफ़ कीजियेगा मैंने आपको पहचाना नहीं"   " जानता हूँ कि आपने मुझे नहीं पहचाना मैडम ,  मेरा नाम अविनाश हैं ,  अब कुछ याद आया ,  अरे भई तुम्हारा कॉलेज फ्रेंड   अविनाश ,  क्या हो गया हैं तुम्हे शीतल ,  सब ठीक तो हैं।"   " ओह अविनाश ,  कैसे हो ?"  " मैं ठीक हूँ ,  लेकिन तुमने ये क्या हाल बना रखा हैं।"   " नहीं ,  कुछ नहीं ,  ठीक तो हैं ,  लेकिन तुम इतने सालों बाद यहाँ कैसे अविनाश" शीतल के पूछते ही ,  " यहाँ कैसे का क्या मतलब हैं तुम्हारा ,  अरे भई मैं मुंबई में ही रहता हूँ ,  आज संडे हैं तो सोचा क्यों ना जुहू बीच की सैर की जाए ,  ख़ैर छोड़ो   वो सब बातें ,  क्या मेरे साथ कॉफ़ी पीना पसंद करोगी।" अविनाश उम्मीद भरी नज़रों से शीतल की ओर देखने लगा। " कॉफी ,  लेकिन ,  वो दरअसल बात ये हैं   कि.......अच्छ...