Do Ladkiyan (Story On Lgbtq)
ना जाने क्यों एक दूसरें का साथ हमें हैं भाता समझाते हैं सबको पर कोई हमें ना समझ पाता पिछले एक महीनें से शगुन हास्पीटल के आईसीयू में भर्ती थी , लेकिन आज डॉक्टरों ने जवाब दे दिया , कहा कि अब ना कोई दवा और ना ही कोई दुआ काम आ सकती हैं , अब तो बस भगवान से यही प्रार्थना कीजिए कि उसकी आत्मा को शांति मिले। "ये क्या बकवास किए जा रहे हो , कुछ नही होगा शगुन को , आँटी , आप इन डाक्टरों की बातों पर ध्यान मत दीजिए , मैं कह रही हूँ ना शगुन बिल्कुल अच्छी हो जाएगी , कुछ नही होगा शगुन को , नही होगा कुछ ......" बस इसी तरह से बडबडाती हुई अदिति कॉरीडोर में यहाँ से वहाँ घूमने लगी , शगुन के घरवालो के लिए भी एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा था , रात के दो बज चुके थे , लेकिन किसी की भी आँखों में नींद नहीं थी , इतने में ही आई.सी.यू में जो नर्स ड्यूटी पर थी डॉक्टर-डॉक्टर चिल्ल्ताते हुए बाहर की ओर भागी , कुछ ही देर में वहाँ एक डॉक्टरों की टोली पहुँच चुकी थी , सभी डॉक्टर शगुन के पलंग के चारों...