Maa Ki Mamta (Story On Mother)
जिस औलाद की हर ख़्वाहिश के आगे झुक जाती हैं माँ उसी औलाद के दीदार को तरस जाती हैं माँ " जाड़े की गुनगुनी धूप में बैठने का अपना ही एक मज़ा हैं , और संग मिल जाए मूंगफली , रेवड़ी और गज़क तो क्या कहने ज़िन्दगी जीने का आनंद ही आ जाता हैं" अशोक ने कावेरी से कहा , लेकिन कावेरी चुप रही , यही चुप्पी अशोक को तक़लीफ़ देती थी , फिर भी वो कावेरी को खुश करने की हर कोशिश करता। आज कावेरी का जन्मदिन हैं , लेकिन चेहरे पर उदासी छायी हुई हैं...."कावेरी चलो आज कहीं घूमने चलते हैं , वापिस आते वक़्त किसी अच्छे से होटल में खाना खा कर आएंगे" अशोक ने मुस्कुराते हुए कहा। " अशोक मुझे कही नहीं जाना , अगर तुम जाना चाहो तो जा सकते हो" कावेरी ने उदास स्वर में कहा , " अरे भई जन्मदिन तो तुम्हारा हैं , मैं अकेला जाकर क्या करूँगा , चलो अच्छा लगेगा , वैसे भी हम दोनों कई दिनों से कही बाहर घुमने नहीं गए।" अशोक ने आग्रह किया, लेकिन कावेरी बिना कोई जवाब दिए अपने कमरे में चली गयी। कावेरी का व्यवहार देख , ना चाहते हुए भी आज अशोक का मन अतीत की ओर चला गया। " नितिन , बेटा क्य...