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Teri Yaadon Ka Sahara (A sad Love Story)

               सोचता था कि इश्क़ हैं तू सिर्फ मेरा इल्म ही नहीं हुआ कि खुदा भी हैं कतार में   एकाएक ही तेज़ हवा के झोंके से जैसे ही टेबल पर रखी तस्वीर ज़मीन पर गिरी ऋषि चौंक गया ,  अभी वो कुछ समझ पाता इससे पहले ही उसकी बाई संतोष ने वो तस्वीर वापिस से टेबल पर रख दी , " क्या हुआ तस्वीर टूटी तो नहीं ना ?"  ऋषि की आवाज़ में चिन्ता झलक रही थी।   " नहीं भैया ठीक हैं ,  खाना लगा दूँ आपका ?" " नहीं रहने दो , अभी भूख नहीं हैं ,  तुम जाओ अगर ज़रुरत होगी तो मैं खुद ले लूँगा।" और ऋषि आँखे मूँदकर वहीं कुर्सी पर बैठा रहा ,  संतोष भी बिना किसी काम वहाँ रुक कर क्या करती , वो भी शाम को दुबारा आने का बोल   वापिस अपने घर चली। यूँ गुमसुम और उदास ऋषि हमेशा से ऐसा नहीं था ,  वो तो बहुत ही नटखट और हमेशा दूसरों  को परेशान करने वाला था ,  कभी-कभी तो हालात ऐसे हो जाते थे कि उसकी माँ को उसे कमरे तक में बंद करना पड़ता ,  लेकिन उसके ऊपर कोई असर ही नहीं होता ,  बढ़ती उम्र के साथ ऋषि की   नटखटता कम त...

Nisha Ka Sangharsh (Story On Women Empowerment)

                                      लड़की हूँ तो इसमें मेरा क्या कसूर                                     शिक्षा से वंचित रख ना दो मुझे सज़ा   अभी निशा अठारह साल की हुई ही थी , कि उसके लिए रिश्ते आने शुरु हो गए , लड़के अच्छे परिवार से एवं पढ़े लिखे थे , तो उसके मम्मी - पापा ने उसकी शादी करने का मन बना लिया। "मम्मी मुझे अभी शादी नहीं करनी , अभी तो मेरी बारहवीं भी पूरी नहीं हुई , मुझे आगे और पढ़ना हैं।" "अरे पढ़ाई का क्या हैं वो तो शादी के बाद भी हो जाएगी , लेकिन इतने अच्छे रिश्ते बारबार नहीं आते हैं , इनमे से यह एक लड़का हैं जो मुझे भी बहुत पसंद हैं , और तेरे पापा को भी"  निशा की मम्मी मालिनी ने उसे लड़के का फोटो दिखाते हुए कहा।...