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Anmol Hai Dosti (Story On Friendship)

चलना बेफ़िक्र ज़िन्दगी की राहों में ऐ मेरे दोस्त , थाम लूंगा मुश्किल राहों में तेरा हाथ ऐ मेरे दोस्त   "आरती , मैं आज कम्पनी से लौटते वक़्त वरुण से मिलता हुआ आऊँगा।" अमित ने आरती से जैसे ही कहा, " क्यों क्या हुआ सब ठीक तो हैं ?" आरती ने सवालिया नज़रों से देखते हुए अमित से पूछा। " हाँ-हाँ सब ठीक हैं , वो तो कई दिनों से वरुण से बात नहीं हो पायी तो सोचा एक बार मिलकर आ जाता हूँ।" अमित ने आरती को आश्वस्त किया करते हुए कहा ,  " अच्छा ठीक हैं मिल आना , लेकिन ऐसे ही खाली हाथ मत चले जाना , बच्चों के लिए फल और मिठाई ज़रूर लेकर जाना बच्चे खुश हो जाएँगे।" आरती के कहते ही, " हाँ यह ठीक हैं , अच्छा हुआ तुमने बता दिया नहीं तो मैं खाली हाथ ही चला जाता" अमित ने आरती की आँखों में प्यार से देखते हुए कहा , " मार लिया ताना , अब निकलो यहाँ से , मुझे भी घर के काम खत्म करके स्कूल के लिए निकलना हैं।" (आरती पास के ही एक स्कूल में टीचर हैं) आरती ने नाराज़ होने का नाटक करते हुए कहा , और अमित के कम्पनी के लिए निकलते ही आरती अपने काम पर लग गई। ...