Ek Tarfa Pyar Ki Taqat (Story On One Sided Love)
“ कुसुम दी, आप खुश तो हो ना इस शादी से?” कुसुम की छोटी बहन सुमन ने उसके हाथों पे मेहंदी लगाते हुए अचानक से पूछ लिया। “अरे छोरी ये क्या पूछ रही है, अरे खुश है तब ही तो ये रिश्ता हो रहा है।“ इतने में ही वहीं पास बैठी दयावती मौसी बोली। “नहीं मौसी ऐसी कोई बात नहीं है, वो तो मैं दीदी से ऐसे ही पूछ रही थी। “हम्म, फिर ठीक है, अच्छा अब जल्दी से कुसुम को मेहंदी लगाकर मेरे हाथों पर भी लगा दे, तेरी माँ तो कामों में व्यस्त है उसके बाद में लगा देना। “जी” सुमन ने सहमति जताई। “सुमन, मेरा फोन कहाँ है।“ इतने में ही कुसुम ने धीमे से पूछा। “पता नहीं, अपने आखिरी बार कहाँ रखा था?” “शायद चार्ज हो रहा है। चिराग से बोल लाकर देगा।“ “हम्म कहती हूँ।“ इतना कह सुमन अपने छोटे भाई चिराग को आवाज लगाने लगी, और थोड़ी देर में मोबाईल मिलते ही कुसुम ने व्हाट्सअप खोला और ना जाने किसका मैसेज ढूँढने लगी। “किसी के मैसेज का इंतजार है दी।“ एकाएक सुमन ने पूछा। “नहीं, नहीं किसी का भी तो नहीं, तू मेहंदी लगा।“ सुमन के पूछते ही कुसुम थोड़ा घबरा गयी। “दी, एक बात बोलूँ।“ “हाँ बोल ना” कुसुम के कहते ही, “प...