Maaf Kar Do Anjana (Story On Friendship)
इस बदलती हुई दुनिया में यूँ ही यक़ी करना किसी गैर का आसां तो नहीं फिर भी वो गैर बन जाए अगर दोस्त हमारा तो हमसा खुशकिस्मत शायद कोई ओर नहीं " भैया जरा सामान ध्यान से उतारना , देखना कुछ टूट ना जाए।" पैकिंग कम्पनी के द्वारा भेजे गए आदमियों को हिदायत दे मैं फ़ोन पर अपने पति से बात करने लगी , उन्हें इत्तला जो देनी थी सही-सलामत पहुँचने की , मेरा नाम कंचन हैं , और एक सरकारी नौकरी में होने की वजह से अकसर मेरा तबादला एक शहर से दूसरे शहर होता रहता हैं , वैसे तो मेरे पति भी सरकारी नौकरी में ही हैं , लेकिन यह ज़रुरी नहीं की हम हर बार एक ही शहर में हो , इस बार वो चंडीगढ़ तो मैं जोधपुर में हूँ। इससे पहले मैं उनके साथ चंडीगढ़ में ही थी , लेकिन तबादला हो जाने की वजह से मुझे जोधपुर जाना पड़ा , सभी सामान सही-सलामत घर में रखा जा चुका था , मैं भी बहुत थक चुकी थी एवं भूख भी बहुत लग रही थी , सोचा चंडीगढ़ से जो खाना पैक करवा कर लाई हूँ वो खाकर कुछ देर आराम कर लेती हूँ , फिर सामान भी तो जमाना था ,...