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मार्च, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Sundarata (Article On Real Beauty)

कोई क्या कहेगा इसी चिंता में हम वो नहीं कर पाते जो करना चाहते हैं , और इसी   वजह से अपने अनुसार   जी नहीं पाते , लेकिन कभी ये नहीं सोचते की जिन लोगों के कुछ   कहने से हमें इतना फ़र्क पड़ रहा हैं उन्होंने   हमें नोटिस किया भी हैं या नहीं , या फिर उनके पास हमारे लिए वक़्त हैं भी या नहीं , लेकिन इसके बिल्कुल   विपरीत कुछ   लोग खुद को पूरी तरह से नज़रंदाज़ करते हुए   ये   सोचते की हम ऐसा क्या करे जिससे की सामने वाले व्यक्ति के होठों पर एक मुस्कान आ जाये।   वैसे तो ये अच्छी   बात हैं कि कोई हमारी वजह से   खुश हो , क्योंकि किसी को ख़ुश करना एक   कला हैं , और ये हुनर हर किसी में नहीं होता , या   फिर ये कह लीजिए की किसी को गैरों की ख़ुशियों से कोई मतलब नहीं होता तो किसी को अपनों की ही ख़ुशियों की परवाह नहीं होती , बेहद ही अजीब हैं ये पहेली जिन बातों के लिए दूसरों की परवाह होनी चाहिए उनके लिए तो होती नहीं , लेकिन जिन बातों के लिए नहीं होनी चाहिए उन   बातों के लिए होती हैं। मैं जानती हूँ की ऊपर लिखी हुई बात बेहद ही confusing हैं , लेकि...

Bahu Ki Ladai (Story On A Family)

" रूचि , रूचि   बेटा ज़रा मेरी अलमारी में से वो डायमण्ड नेकलेस   तो लाकर देना , और आकर देखो की मेरी साड़ी कैसी लग रही हैं। अरे आज की किटी-पार्टी में मिसेज़ मेहता आने वाली हैं , और मैं चाहती हूँ कि उनके सामने मैं स्पेशल लगूँ।" रेवती ने जैसे ही आवाज़ लगाकर अपनी बेटी रूचि से   कहा।   " मॉम , मैं टी. वी. देख रही हूँ , आप वाणी भाभी   को कह दीजिए।"    " तुम्हारी   भाभी से नहीं कहना मुझे , तुम ही लाकर दो" वाणी रेवती के बेटे विशाल की पत्नी हैं , और इन दोनों की लव मैरिज हुई हैं वो भी रेवती की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ , और   इसी वजह से वो   वाणी से   नफ़रत करती हैं , और उसे नीचा दिखाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ती , और उसे परेशान करने के लिए जान-बूझकर   ग़लती ख़ुद करती और इल्ज़ाम उस पर लगा देती। और फिर परिवार के बाकी लोगों की सहानुभति भी ले लेती हैं। यूँ तो वाणी अपनी सास के स्वभाव   भली-भाँति परिचित हो चुकी हैं , लेकिन किसी का भी साथ ना मिलने की वजह से कुछ नहीं कर पाती।   " ओके मॉम" और फिर कुछ ही देर में रूचि नेकलेस लेकर रेवती के पास चली गयी। ...