Sahsik Nirnay / साहसिक निर्णय ( Story On A Mother's Boldness)
उत्तरप्रदेश स्थित मेरठ की गंगा नगर कॉलोनी के एक आलीशान बँगलें दर्पण में आज शोक का माहौल है, कारण उस घर के मुखिया, एवं कपड़ा व्यापारी 80 वर्षीय श्री नवरतन जी का एक रात पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन होना। घर के बाहर शोकाकुल लोगों का ताँता लगा हुआ है, जिनमे सभी रिश्तेदार, व आस-पड़ोसी शामिल हैं, अंदर आँगन में नवरतन जी के पार्थिव शरीर के चारों ओर सिर पर पल्लू डाले, महिलायें बैठी हैं, जिनमे उनकी पत्नी 75 वर्षीय जानकी देवी भी शामिल है। नवरतन जी के चार बेटे हैं, जिनमे से 3 उन्ही के साथ मेरठ वाले घर में रहते हैं, और उनके साथ व्यापार करते हैं, और सबसे छोटा बेटा निरंजन लंदन में रहता है, जिसका कि नवरतन जी की अंतिम यात्रा के लिए इंतजार हो रहा है, जो कि 15 साल पहले लंदन में डिग्री हासिल करने गया था, और वही ब्रिटिश मूल की एक लड़की से विवाह कर वही बस गया, एवं वहीं की नागरिकता हासिल कर ली। कुछ समय बाद निरंजन के सपत्नीक आते ही नवरतन जी को अंतिम विधि के लिए ले जाया गया, और शाम तक सभी मेहमानों के जाने के बाद, “कैसा है निरंजन” फुर...