Hatya Ya Atmhatya (A Mysterious Story)
" कुसुम दीदी आपको पता है, राधेश्याम भाईसाहब के बेटे राजन की शादी तय हो गयी है।" छत पर पापड़ सुखाते हुए जैसे ही मधु ने कहा। "क्या ! लेकिन तुझे किसने बताया" कुसुम ने चौंककर पूछा। "रोशनी बता रही थी, कल जब मैं सब्जी खरीदने सब्जी मंडी गयी तो वहीं मिली थी। "गजब है ये तो, अरे पहले वाली को मरे हुए अभी एक महीना भी नहीं गुजरा और दूसरी शादी तय भी हो गयी, कम से कम साल भर तो बीवी का शोक मना लेता।" ऐसा कहते हुए कुसुम पापड़ सुखाने के लिए दूसरा मोमजामा बिछाने लगी। "शोक तो तब मनायेगे ना जब उन्हे उर्मि के जाने का दुख हुआ होगा।" मधु ने कहा। "हम्म, बात तो तुम्हारी सही है, मेरे सुनने में तो ये भी आया था कि कहीं ना कहीं उर्मि की मौत का जिम्मेदार राधेश्याम भाईसाहब का परिवार ही है।" "हाँ कुसुम दीदी, सुनने में तो मेरे भी आया था, लेकिन सच क्या है कोई नहीं जानता, अरे राधेश्याम भाईसाहब का परिवार गाँव का सबसे सम्मानजनक परिवार है, तो भला कोई क्यों उनके खिलाफ कुछ बोलेगा, अरे किसी को कुछ पता भी होगा तो भी वो अपनी जुबान नहीं खोलेगा और हमें इस दल...