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सितंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Shakki Patni (Story On Suspicious wife)

आसमान पर गहरे काले बादल छाने लगे , और बादलों की गड़गड़ाहट एवं   बिजली के कड़कने   के साथ ही   हल्की बूँदा-बाँदी शुरू गयी , जिसे धुआँधार बारिश में तब्दीलन होनें में कुछ ही सेकेंड लगे।   " हे भगवान , इस बारिश को भी अभी आना था , अब मैं इतना सारा सामान लेकर घर तक कैसे जाऊँगी।" खुद से ही बात करती हुई तानिया अपने आस-पास रिक्शा ढूँढने लगी , लेकिन उसे जब दूर-दूर तक रिक्शा नहीं दिखाई दिया तो पैदल ही घर के   लिए निकल पड़ी। घर पहुँचकर जैसे ही तान्या घर का ताला खोलने लगी अचानक से उसके पति करण ने अन्दर से दरवाज़ा खोल दिया और यूँ एकाएक करण को अपने सामने देख तान्या चौंक गयी।   " करण तुम इस वक़्त घर पर....!"   " हाँ तान्या , लेकिन तुम्हे कितनी बार कहाँ हैं कि जब भी घर से बाहर निकलों गाडी ले जाया करो , और तुम हो की पैदल ही चल पड़ती हो , अब भीग गयी ना बारिश में , चलो अब फ़टाफ़ट नहा लो , देखो तुम्हारे कपड़ो पर कीचड़ लग गया हैं।"   " वो सब तो ठीक हैं करण , लेकिन तुम आज जल्दी घर कैसे आ गए ?"  " अरे वो आज एक मीटिंग थी , जल्दी खत्म हो गयी तो घर भी जल्दी आ गया , अब बातों में ...

Rishton Ka Mazak (Story On Family)

सुबह दस बजे से पहले ना उठने वाली अदिति आज सुबह पाँच बजे ही उठकर अपने घर के बगीचे में जाकर बैठ गयी लेकिन   ना ही बगीचे में खिले मोंगरे के फूलों की भीनी-भीनी सुगंध ,  और ना ही पेड़ों की शाखाओं पर बैठें पंछियों का कलरव गहरी सोच में डूबी अदिति का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर पा रहा था ,   फिर एकाएक उसके मोबाइल की घंटी ने बजकर उसका ध्यान भंग किया।     " हैलो" अदिति के कहते ही ,    " हैलो मैडम में राहुल बोल रहा हूँ ,  आप कल जिस रेस्टोरेंट में आई थी उसका वेटर ,  दरअसल आप अपना पर्स यहीं छोड़ गयी ,  मैंने उसे संभाल कर रखा हुआ हैं ,  आप आकर ले जाईए।" वेटर राहुल के कहने के बाद अदिति को पता चला कि उसका पर्स तो खो गया हैं ,   लेकिन उसने ये बात राहुल से   बातों के दौरान ज़ाहिर नहीं होने दी।     " धन्यवाद ,  मैं तो कल से ही अपना पर्स ढूँढ-ढूँढकर परेशान हो रही हूँ ,  अच्छा हुआ मिल गया   लेकिन तुम्हे मेरा नम्बर कहाँ से मिला ?"    " ओह ,  माफ़ करना मैडम मुझे आपके पर्स में से ही ये नम्बर मिला हैं।" ...