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नवंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Pyar Ki Nishani ( Story On A Sad Love)

  “मानसी ?” जोधपुर रेल्वे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बेंच पर बैठी एक साप्ताहिक पत्रिका में व्यस्त मैंने जैसे ही अपना नाम सुना चौंककर आवाज की दिशा की ओर देखने लगी, तो सामने एक लगभग 45-50 साल की एक महिला खड़ी हुई थी जो कि मुझे देख लगातार मुस्कुरा रही थी। “सॉरी, क्या आपने मुझे पुकारा?” मैंने उस अपरिचित महिला से पूछा। “तुम मानसी ही हो ना?” उसने शायद पुष्टि कर लेना ही बेहतर समझा। “जी, लेकिन मैंने आपको नहीं पहचाना” कहते हुए मैं बेंच से उठ खड़ी हुई। “मानसी, मैं नेहा” उसने अपना परिचय देते हुए कहा। “नेहा ! कौन नेहा ?” मेरे पूछते ही, “अरे यार MGPS , नेहा पढ़ाकू” उसने मेरे हाथ अपने हाथों में ले याद दिलाने की कोशिश करते हुए कहा। “नेहा, मेरी पगली नेहा ?” मैंने उसे कन्धों से झकझोरते हुए पूछा। “हाँ तेरी नेहा” कहते ही उसने मुझे गले से लगा लिया। ”तू कहाँ थी इतने सालों से जब से MGPS जयपुर से अपनी स्कूलिंग खत्म हुई है तेरी ना कोई ख़बर ना ही कोई दुआ-सलाम, और तू कितनी बड़ी हो गयी है।” मैने खुद को उससे अलग करते हुए पूछा। “मेरी तो तू पूछे ही मत, मेरी ज़िंदगी ने जो u - turn लिया था उसे...

Raddi Wala / रद्दी वाला (Story On Family)

  अगले हफ्ते दीवाली है, और इस बार तो दीवाली पर मि. और मिसेज रस्तोगी का बेटा माणिक अपने परिवार के साथ जर्मनी से आने वाला है, तो ज़ाहिर-सी बात है रस्तोगी युगल बेहद ही ज़ोरों-शोरों से अपने बेटे माणिक और उसके परिवार के स्वागत की तैयारी कर रहा है, घर का कौना-कौना साफ किया जा रहा है, इस बार तो घर में रंग-रोगन भी करवाया गया है, इतना ही नहीं मिसेज रस्तोगी ने तो इस बार घर की खूबसूरती में चार चाँद लगाने के लिए दीवारों पर सुंदर-सुंदर पेंटिंग भी लगाई हैं, और महँगे-महँगे decorative items भी सजाए हैं, और माणिक के कमरे की तो बात ही मत पूछो, उसे तो रस्तोगी युगल ने दुल्हन की तरह सजाने में कोई कसर ही नहीं छोड़ी, बस अब तो एक ही काम बचा है घर के पुराने और टूटे-फूटे सामान को रद्दी में निकालना, और इसी वजह से मि. रस्तोगी की नजरें आज मैन गेट के बाहर ही टिकी हुई हैं, कि कोई रद्दी वाला आए और उसे वो अपने घर का कबाड़ देकर चैन की साँस ले। “रस्तोगी जी, आज नाश्ता नहीं करना है क्या?’ इतने में ही मिसेज रस्तोगी ने आवाज लगाकर पूछा। “रद्दी वाले का इंतजार कर रहा हूँ, अब तो रद्दी निकालकर ही कुछ खाऊँगा।“ मि. रस्तोगी ने ...