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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Bahu Ka Kanyadaan (Story On widow marriage)

जयपुर के शास्त्री नगर कॉलोनी में बने   के एक घर में आज सुबह से ही काफी चहल-पहल हो रही हैं , क्योंकि   उस घर की बेटी जूही को देखने लड़केवाले जो आ रहे हैं   ' जूही बेटा तैयार हुई या नहीं , लड़के वाले आते ही होंगे। ' शारदा ने जैसे ही अपनी बेटी को आवाज़ लगाई।   ' बस कुछ देर और मम्मी ' जूही के कहते ही ,  ' कुछ देर और , कुछ देर और करते-करते पूरी दो घंटे से तैयार हो रही हैं तू ' शारदा गुस्से से चिल्लाने लगी , इतने में ही ऋचा कुछ पूछने आ गयी।   ' मम्मी जी , आलू और प्याज के पकोड़ों के साथ गोभी के पकोड़े भी बना लूँ ?'  ' हाँ बना ले , और धनिए की चटनी बनी या नहीं '  ' बन गयी मम्मी जी ' इतना कहते ही ऋचा रसोई की ओर वापिस जाने लगी। ऋचा शारदा के बेटे अभिनव की विधवा हैं , तक़रीबन दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना में अभिनव की मृत्यु होने के बाद ऋचा यही अपने ससुराल में अपने सास-ससुर व नन्द जूही के साथ रह रही हैं , शारदा और उसके पति निर्मल जी भी उसे अब अपनी बेटी ही मानते हैं।   ' हे भगवान् इतनी देर हो गयी लेकिन अभी तक जूही के पापा रसगुल्ले और काजू कतली लेकर वापिस न...

Aisa Kaise Ho Sakta Hain ( Story On Murder Mystery)

' रिशु , सिया , तुम्हारा टिफ़िन लगा दिया हैं , आकर ले जाओ , नाश्ता भी कर लो। ' मैंने अपने दोनों बच्चों को   आवाज़ लगाई और फिर खुद डाइनिंग टेबल पर नाश्ता लगाने लगी , सुबह का वक़्त मेरा व्यस्त ही जाता , बच्चों   को   स्कूल व अपने पति नीरज को ऑफिस भेजना , उनके नाश्ते व टिफ़िन का प्रबंध करना , और सुबह के घर के बाकी काम , कुल मिलाकर मुझे इन सभी कामों से फुर्सत मिलते-मिलते अक्सर 12 तो बज ही जाते थे , लेकिन फिर भी मेरी नज़र सामने वाले घर में रहने वाले सुभाष अंकल , और उषा आंटी पर ज़रूर रहती , यूँ तो उन्होंने एक फुल टाइम नौकर गणपत रखा हुआ था , फिर भी मुझे उनकी चिंता रहती , वजह थी उनका काफी उम्रदराज़ होना , यूँ तो आस-पास के सभी लोग उनकी परवाह करते , फिर भी मुझे उनकी कुछ ज्यादा ही चिंता रहती।   ऐसा नहीं था की उनके कोई औलाद नहीं थी , बल्कि दो बेटे व दो बेटियाँ थी उनकी , और इसी शहर में रहते , लेकिन कभी उनसे मिलने नहीं आते , ये बात अंकल-आंटी दोनों को ही बहुत टीस करती लेकिन वो कभी अपना दुःख किसी से कहते नहीं , बल्कि ये कहकर बात टाल देते की बच्चों को वक़्त   नहीं मिलता। लेकिन आज मुझे व...