संदेश

जुलाई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ateet Ki Yaadein (A Sad Love Story)

  अभी ट्रेन पूना स्टेशन तक पहुँची ही थी ,  कि इस शहर की हवा ने मेरे घावों को फिर से हरा कर दिया ,  ना चाहते हुए भी मुझे वो लम्हे   याद आने लगे ,  जो मैंने बीस साल पहले इस शहर में गुज़ारे थे ,  ट्रेन स्टेशन पहुँच चुकी थी ,  और उस समय   मेरे लिए अतीत से ज्यादा वर्तमान में रहना ज़रूरी था ,  मैं जैसे ही अपना सामान उठाकर ट्रेन के दरवाज़े तक आयी ,  रिक्शेवालों का एक झुण्ड मेरी ओर आ गया।   " कहाँ जाना मैडम ?"  "नीयू-लीफ होटल विमान नगर"   "यहाँ आइए मैडम मेरे साथ" ऐसा कहते हुए एक रिक्शेवाला मेरा सामान उठाकर चलने लगा ,  और मैं भी उसके पीछे-पीछे चल पड़ी ,  अभी स्टेशन से विमान नगर तक का सफर शुरू हुआ ही था कि मैं फिर से अतीत की ओर चली गयी।   बीस साल पहले की बात हैं ,  मेरी नई-नई नौकरी लगी थी ,  और मेरी पहली पोस्टिंग पूना में हुई ,  यूँ तो मैं इंदौर की रहने वाली थी ,  और मेरी पढ़ाई भी सारी इंदौर से ही हुई थी ,  लेकिन   पूना मैं   पहली बार आयी थी ,  कुछ भी तो नहीं जानती थी यहाँ ...

Mahavari (Article On Menstrual Periods)

सुप्रिया के सुबह से ही पेट में हल्का-हल्का दर्द हो रहा हैं , स्कूल जाने का भी मन नहीं हैं , लेकिन जाना तो पड़ेगा , आज से छठी कक्षा   की  अर्द्धवार्षिक परीक्षा जो शुरू होने वाली हैं , और आज तो अंग्रेजी का पर्चा भी हैं , बस इसी वजह से उसने अपने पेट दर्द को नज़रअंदाज़ कर स्कूल जाने के लिए तैयार होना शुरू कर दिया , उसने पेट दर्द वाली बात अपनी माँ नलिनी से ये सोचकर छुपा ली कि वो चिन्ता करेगी   और वो तैयार होकर   वक़्त पर परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुँच गयी।   आज सुप्रिया की तबियत ठीक नहीं होनें की वजह से उसने अपनी सहेलियों से भी ज्यादा बातचीत नहीं की , और चुपचाप परीक्षा-कक्ष में जाकर बैठ गयी , प्रश्न-पत्र ज्यादा कठिन तो नहीं था , और सुप्रिया को उत्तर भी सारे आते थे , फिर भी उसकी आज की परीक्षा अच्छी नहीं हुई , इसकी वजह वक़्त के साथ सुप्रिया की बिगड़ती तबियत हैं। कुछ ही देर में परीक्षा का समय समाप्त हो गया और सभी बच्चें अध्यापिका जी के पास   अपना पर्चा जमा करवा घर जाने लगे , इतने में ही एक लड़के के चिल्लाने की आवाज़ आई।   " खून , खून वो देखो सुप्रिया की स्कर...