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मई, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Aisa Kyo Hai (Story On Family)

आज सुबह से ही मौसम बेहद ही सुहावना हैं, आसमान में हर तरफ घनघोर बादल छाए हुए हैं, जोकि बीच-बीच में गरजकर अपनी उपस्थिति का आभास करा रहे हैं, उनकी गर्जन सुन ऐसा प्रतीत होता हैं कि निश्चित ही आज जमकर बारिश होगी, लेकिन फिलहाल तो बारिश का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं हैं, शायद आज ये बादल सिर्फ गरजने के लिए एकत्रित हुए हैं बरसने के लिए नहीं। चाय का कप हाथ में थामे, बालकनी में अपने मनपसंद बीन बैग पर बैठी तन्वी अभी ये सब सोच ही रही थी कि अचानक से उसके मोबाईल की घंटी बज उठी, और जैसे ही उसकी नजर मोबाईल पर गयी उसकी मुँह से एकाएक ही निकल गया, "ओह शिट, इस मुसीबत का फोन भी अभी आना था क्या, सारा मूड़ खराब कर दिया, क्या करूँ उठाऊँ या नहीं, रहने देती हूँ, कह दूँगी की फोन साइलन्ट पर था रिंग सुनाई नहीं दी" और तन्वी फोन को नजरंदाज कर सुहावने मौसम का आनंद लेने लगी। फोन तन्वी की भाभी आँचल का था जिसे वो बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी, और जितनी नफरत तन्वी आँचल से करती थी उससे कई ज्यादा आँचल तन्वी से करती थी, फिर भी दोनों बेमन से दुनिया दिखावे के लिए ये रिश्ता निभा रहे थे। तन्वी के द्वारा आँचल से नफरत करने ...

Sona Ki Shiksha (Story On Girl Education)

  “ सुनिए जी, कुछ पैसों कि दरकार है” लक्ष्मी ने चार हाथ लंबें घूँघट में से अपने पति रामचरण से जैसे ही कहा वो भड़क उठा, “पैसे ! वो क्यों, और अभी कुछ दिन पहले ही तो दिए थे तुझे पैसे, फिजूलखर्ची थोड़ा कम किया कर।“ “सोना के स्कूल की फीस के लिए चाहिए थे जी, आज उसकी मास्टरनी ने कहा है कि अगर कल तक पैसे जमा नहीं करवाए तो स्कूल से नाम कटवा देंगे।“ सोना, रामचरण और लक्ष्मी की दस साल की बेटी है जो कि पाँचवी कक्षा में पढ़ती है। “अच्छा-अच्छा, तो ऐसा बोल ना हमेशा आधी-अधूरी बात बोलती है, गंवार” रामचरण अपनी बेटी सोना की शिक्षा को लेकर काफी संजीदा था, वो उसे पढ़ा-लिखा कर एक बड़ा अफसर बनाना चाहता था, यूँ तो वो खुद इतना पढ़ा-लिखा नहीं था, और लक्ष्मी के लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर था, शायद इसलिए ही वो अपने पढ़ने-लिखने की ख्वाहिश अपनी बेटी के ज़रिए पूरी करना चाहता था, वैसे तो वो चाहता था कि उसके बेटा हो लेकिन अब जो है उसे स्वीकार कर वो खुश है। “जी माफ कर दीजिए मुझे” एकाएक लक्ष्मी की आँखें भर आयी, जिनका की घूँघट की वजह से रामचरण को एहसास तक नहीं हुआ। “हम्म, लेकिन अभी तो पैसों का इंतजाम नहीं हो सकता, ...