Aisa Kyo Hai (Story On Family)
आज सुबह से ही मौसम बेहद ही सुहावना हैं, आसमान में हर तरफ घनघोर बादल छाए हुए हैं, जोकि बीच-बीच में गरजकर अपनी उपस्थिति का आभास करा रहे हैं, उनकी गर्जन सुन ऐसा प्रतीत होता हैं कि निश्चित ही आज जमकर बारिश होगी, लेकिन फिलहाल तो बारिश का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं हैं, शायद आज ये बादल सिर्फ गरजने के लिए एकत्रित हुए हैं बरसने के लिए नहीं। चाय का कप हाथ में थामे, बालकनी में अपने मनपसंद बीन बैग पर बैठी तन्वी अभी ये सब सोच ही रही थी कि अचानक से उसके मोबाईल की घंटी बज उठी, और जैसे ही उसकी नजर मोबाईल पर गयी उसकी मुँह से एकाएक ही निकल गया, "ओह शिट, इस मुसीबत का फोन भी अभी आना था क्या, सारा मूड़ खराब कर दिया, क्या करूँ उठाऊँ या नहीं, रहने देती हूँ, कह दूँगी की फोन साइलन्ट पर था रिंग सुनाई नहीं दी" और तन्वी फोन को नजरंदाज कर सुहावने मौसम का आनंद लेने लगी। फोन तन्वी की भाभी आँचल का था जिसे वो बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी, और जितनी नफरत तन्वी आँचल से करती थी उससे कई ज्यादा आँचल तन्वी से करती थी, फिर भी दोनों बेमन से दुनिया दिखावे के लिए ये रिश्ता निभा रहे थे। तन्वी के द्वारा आँचल से नफरत करने ...