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अप्रैल, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Dosti Ki Khaatir (Story On Friendship)

सच्चे दोस्त किसे कहते हैं ,  यह जानने के लिए निशा व पूजा की दोस्ती की मिसाल से बेहतर शायद ही कोई मिसाल हो ,  निशा व पूजा बहुत ही अच्छी दोस्त हैं ,  और हो भी क्यों ना ,  क्लास नर्सरी से दोनों एक दूसरे के साथ जो हैं ,  पन्द्रह साल पहले की बात हैं ,  जब निशा की मम्मी रोहिणी व उसके पापा शरद उसके एडमिशन लिए मुंबई के एक स्कूल में गए ,  वहीं उनकी मुलाक़ात पूजा के मम्मी-पापा से हुई ,  पहले से जान-पहचान ना होने की वजह से ये मुलाक़ात ज्यादा देर तक नहीं चल पाई ,  और कुछ औपचारिक बातों के बाद ही बातों सिलसिला ख़त्म हो गया। पूजा व निशा दोनों का ही एडमिशन क्लास नर्सरी में हो चुका था ,  एक ही क्लास में होने की वजह से व क्लास में भी पास-पास बैठने की वजह से दोनों में दोस्ती भी जल्दी ही हो गयी ,  ज़ाहिर सी बात हैं एक दूसरे का दोस्त हो जाने की वजह से दोनों ही एक दूसरे को अपने-अपने जन्म-दिन की पार्टी में भी आमंत्रित करती ,  और इसी वजह से इनके पेरेंट्स का भी एक दूसरे के घर आना-जाना शुरू गया ,  धीरे-धीरे दोनों ही परिवारों में सम्बन्ध अच्छे बनते चले...

Thoda Sa Saath (Story On Long Distance Relationship)

सोचती थी   रहता हैं   तू मुझसे दूर बहुत ,  फिर भी मेरे करीब हैं लेकिन मैं गलत थी ,  हक़ीक़त में तो मैं तेरे दिल में रहती   थी पूरे दस साल बाद अमेरिका से वापिस लौटे विनोद में कोई भी बदलाव ना देख मीरा को   बहुत ख़ुशी हुई ,  ऐसा लगा मानो उसका   पति जो दस साल पहले उसे   व बच्चों को इंडिया में अकेला छोड़कर विदेश चला गया था ,  वो जैसा गया था वैसा ही वापिस आया हैं ,  सच पूछा जाए तो मीरा   बहुत ही डरी हुई थी ,  कि कहीं विनोद ने वहाँ दूसरी शादी तो नहीं कर ली होगी ,  यूँ तो तक़रीबन हर रोज़ ही वीडियो कालिंग पर उन दोनों   बात होती थी ,  लेकिन ऐसी बातें छुपाना मुश्किल नहीं ,  लेकिन आज विनोद को अपने सामने देख और उसमे कोई भी बदलाव ना देख मीरा के   मन को बहुत तसल्ली हुई। कैसे भूल सकती हैं मीरा वो दिन ,  जब विनोद ने उसे   और उनके   दोनों छोटे-छोटे बच्चों तीन साल की रिया व एक साल के वंश को छोड़कर अमेरिका जाने का ऐलान किया था ,  विदेश में जाकर कमाने की सनक सवार थी जनाब के सिर पर ,  विनोद के ...