Dosti Ki Khaatir (Story On Friendship)
सच्चे दोस्त किसे कहते हैं , यह जानने के लिए निशा व पूजा की दोस्ती की मिसाल से बेहतर शायद ही कोई मिसाल हो , निशा व पूजा बहुत ही अच्छी दोस्त हैं , और हो भी क्यों ना , क्लास नर्सरी से दोनों एक दूसरे के साथ जो हैं , पन्द्रह साल पहले की बात हैं , जब निशा की मम्मी रोहिणी व उसके पापा शरद उसके एडमिशन लिए मुंबई के एक स्कूल में गए , वहीं उनकी मुलाक़ात पूजा के मम्मी-पापा से हुई , पहले से जान-पहचान ना होने की वजह से ये मुलाक़ात ज्यादा देर तक नहीं चल पाई , और कुछ औपचारिक बातों के बाद ही बातों सिलसिला ख़त्म हो गया। पूजा व निशा दोनों का ही एडमिशन क्लास नर्सरी में हो चुका था , एक ही क्लास में होने की वजह से व क्लास में भी पास-पास बैठने की वजह से दोनों में दोस्ती भी जल्दी ही हो गयी , ज़ाहिर सी बात हैं एक दूसरे का दोस्त हो जाने की वजह से दोनों ही एक दूसरे को अपने-अपने जन्म-दिन की पार्टी में भी आमंत्रित करती , और इसी वजह से इनके पेरेंट्स का भी एक दूसरे के घर आना-जाना शुरू गया , धीरे-धीरे दोनों ही परिवारों में सम्बन्ध अच्छे बनते चले...