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जनवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Makar-Sankranti (Article On Makar-Sankranti)

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मीठे-मीठे गुड़ संग मिल गया तिल आई मकर-संक्रांति देखो खिल गए दिल    नमस्कार दोस्तों ,  आज  15  जनवरी  2020  हैं ,  यानि की मकर-संक्राति ,  आगे कुछ भी कहने से पहले आप सभी को मेरी ओर से मकर-संक्राति की बहुत-बहुत शुभकामनाएं ,  यूँ तो ये   त्यौहार हर वर्ष  14  जनवरी के दिन आता हैं ,  लेकिन पिछले कुछ सालों से ये  15  जनवरी को मनाया जा रहा हैं ,  मकर-संक्राति का सीधा सम्बन्ध सूर्य की स्थिति से हैं ,  कहते हैं पौष मास में जब   सूर्य धनु राशि से   निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता हैं ,  मकर-संक्राति का त्यौहार मनाया जाता हैं ,  इस दिन से दिन की अवधि बढ़ती हैं   और रात की अवधि घटती हैं ,  ये   हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में शामिल हैं।   मकर-संक्राति पर दान का भी बहुत महत्त्व हैं ,  इस दिन तिल ,  गुड़ ,  खिचड़ी , फल ,  घी ,  कम्बल   आदि का दान करने से पुण्य मिलता हैं ,   भारत के अलग-अलग स्थानों पर ये त्यौहार अलग-अलग ...

Anokha Milan (A Heart Touching Love Story)

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ज़माना ये समझता रहा कर जुदां हमें वो जीत गया   लेकिन हम फिर भी मिल गए एक नए अंदाज़ में   ये दिल को छू लेने वालीं   कहानी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रहने वालें दो प्रेमियों की हैं ,  वो प्रेमी ही नहीं बल्कि एक अच्छे पड़ोसी भी थे ,  सालों पहले इन दोनों के आजोबा(दादाजी) अलग-अलग शहरों से यहाँ बसने आये थे ,  और किस्मत ने उन्हें एक दूसरे का पड़ोसी बना दिया ,  दोनों ही पड़ोसियों में बहुत ही अच्छे सम्बन्ध थे ,  लगता ही नहीं था कि ये पड़ोसी हैं ,  ऐसा लगता जैसे की एक ही परिवार के लोग हैं। " माधवी अरे ओ माधवी इतनी देर लगती हैं   क्या छत पर पापड़ सुखाने में ,  चल फ़टाफ़ट नीचे आजा" जैसे ही माधवी की आई (मम्मी) भारती ने आवाज़ लगाई ,  माधवी थोड़ा घबरा सी गयी।   " अभी आती हूँ आई ,  बस थोड़े-से पापड़ और बचें हैं।"   "माधवी जब तक तुम मेरे सवालों का जवाब नहीं दे देती ,  तुम कहीं नहीं जा सकती।"   "पागल हो गए हो क्या मंदार ,  अगर किसी ने हमें यूँ छत पर बातें करते हुए देख लिया तो हमारी ख़ैर नहीं हैं।"   "तो क्या हम मिलें भ...