Ishq Hua Sirat Se (Story On Love)


उसकी सीरत का इस क़दर कायल हुआ मैं

 नज़र ना आयी सूरत उसकी निगाहों को मेरी 


अभी प्रोफ़ेसर शुक्ला की क्लास शुरू ही हुई थीकि क्लास के दरवाज़े पर एक सांवले से रंग कीसामान्य दिखने वाली लड़की आ खड़ी हुई। 

"एक्सक्यूज़्मी सरक्या ये फर्स्ट-ईयर कॉमर्स की क्लास हैं?"

"हाँ"

"सर क्या मैं अन्दर आ सकती हूँ?"

"हाँ आओकहो क्या काम हैं?" प्रोफ़ेसर शुक्ला के पूछते ही,

"सर मैं न्यू स्टूडेंट हूँ।"

"ओहआओ,आओ अन्दर आ जाओक्या नाम हैं तुम्हारा?

"सर महुआ"

"देखो महुआआज तुम्हारा पहला दिन हैंइसलिए कुछ नहीं कहूँगालेकिन आगे से क्लास में देर से मत आना।"

"जी सरमैं ध्यान रखूँगी।" उसके बाद प्रोफेसर शुक्ला ने पढ़ाना शुरू कर दियालेकिन किसी का भी मन पढाई में नहीं लग रहा थासभी की निगाहें बार-बार महुआ की ओर ही जा रही थी।

"इसको किसने एडमिशन दिया हमारी क्लास मेंकितनी बदसूरत हैं ये" क्लास की एक लड़की ने धीमे से फुसफुसा कर दूसरी लड़की से कहा।

"बदसूरत नहीं सांवली हैं।"

"एक ही बात हैंज्यादा फर्क नहीं हैं दोनों बातों में" इतने में ही प्रोफ़ेसर शुक्ला की क्लास ख़त्म हो गयीऔर अगली क्लास के प्रोफेसर नहीं आये थेइसलिए क्लास के सभी स्टूडेंट्स इधर-उधर जाने लगेकोई कैंटीन में तो कोई कॉलेज के गार्डन मेंकॉलेज का पहला दिन होने की वजह से सब एक दूसरे से पहचान बनाने लगेलेकिन महुआ को अपने संग आने के लिए किसी ने भी नहीं कहालेकिन बातें सब उसी के बारें में कर रहे थे।

"कितनी काली लड़की हैंमैं तो कभी भी इसके पास नहीं बैठूँगा।" गार्डन में बैठे एक लड़के जतिन ने जैसे ही कहासामने से उसी की क्लास के एक दूसरे लड़के कार्तिक ने उसे फटकार दिया। 

"जतिन ये कैसी बातें कर रहे होकुछ तो शर्म करोरंग-रूप तो ऊपरवाले की देन हैं, इसमें उस बेचारी लड़की का क्या दोष"

"लेकिन कार्तिकतुम्हे क्यों उसके लिए इतना बुरा लग रहा हैंकहीं तुम उसे पसन्द तो नहीं करने लगे?" जतिन के कहते ही,

"अपनी बकवास बंद करो जतिनऐसी कोई बात नहीं हैंऔर हाँ, अगर तुम लोग उस लड़की से दोस्ती ना करना चाहो तो मत करो, लेकिन उसे नफरत भरी निगाहों से भी मत देखो।" कार्तिक ने गार्डन में बैठे अपने सभी दोस्तों से कहा और चला गया।

"ये कार्तिक को क्या हो गया हैं?"

"मुझे तो लगता हैं इश्क़ हो गया हैं जनाब को उस स्पेशल लड़की महुआ से"

"अरे,अरे धीरे बोलो अगर कार्तिक ने सुन लिया तो फिर से गुस्सा करेगा।" गार्डन में बैठे स्टूडेंट्स कार्तिक के जाने के बाद बातें करने लगेइतने में ही वहाँ महुआ आ गई।

"एक्सक्यूज़्मीकॉलेज की कैंटीन कहाँ हैं?" महुआ ने जैसे ही गार्डन में बैठी एक लड़की के कंधे पर हाथ रख कर पूछा,

"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे कंधे पर हाथ लगाने कीहटो यहाँ से ऐ काली लड़की" उस लड़की का बेरुखी से भरा व्यवहार देख एकाएक ही महुआ की आँखे भर आईऔर वहाँ बैठे सभी स्टूडेंट्स उसकी ओर देखने लगेइतने में ही वहाँ कार्तिक आ गया,

"चलिए मैं आपको कैंटीन में ले चलता हूँ।" 

"नहींनहीं आप तकलीफ मत कीजिएआप तो बस मुझे इतना बता दीजिए कि कैंटीन कहाँ हैं?"

"अच्छा ठीक हैंसामने से लेफ्ट"

"ओ.के. थैंक्स" और अपना उदास चेहरा लेकर महुआ वहाँ से चली गई।

"ये क्या बदतमीज़ी हैं तान्यामैंने अभी कहा था कि महुआ के बारे में कोई भी ऐसी-वैसी बात नहीं करेगा।" 

"कार्तिकमुझे तो ये समझ नहीं आ रहा कि तुम उस लड़की का इतना पक्ष क्यों ले रहे होदेखो कार्तिक तुम एक बात कान खोलकर सुन लोअगर तुम्हारे दिल में उस महुआ के लिए कुछ भी हैं तो उसे निकाल दोतुम मेरे होकिसी ओर का मैं तुम्हे नहीं होने दूँगी।" कार्तिक और तान्या स्कूल के दिनों से ही एक दूसरे से प्यार करते थे। 

"तुम्हारा दिमाग खराब हो गया हैं तान्यावो लड़की आज पहली बार कॉलेज आई हैंइससे पहले तो मैंने उसे कभी देखा भी नहींऔर तुम्हे लगता हैं कि मेरा उसके साथ कोई चक्कर हैंमैं तो सिर्फ तुम सब लोगो को ये समझाने की कोशिश कर रहा हूँ कि अगर वो सांवली हैं तो उसमे उसकी कोई गलती नहीं" कार्तिक जानता था कि किसी को भी समझाने का फायदा नहीं हैंक्यों कि ये सब बाहरी खूबसूरती में विश्वास रखने वाले हैंवैसे सबसे ज्यादा नाराज़ वो तान्या से थाक्यों कि उसे ये विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि जिस लड़की तान्या से वो प्यार करता हैंवो भी औरों की तरह अन्दर की नहीं बल्कि बाहरी सुंदरता देखती हैं।

वक़्त गुजरता गया, क्लास के बाकी स्टूडेंट्स की सोच तो नहीं बदली जा सकी, लेकिन कार्तिक और महुआ में दोस्ती ज़रूर हो गयीऔर उन दोनों के दोस्त बनते ही तान्या कार्तिक से नाराज़ हो गईवो उससे दूर-दूर रहने लगी। 

"तान्या क्या बात हैंतुम मुझसे बात क्यों नहीं करना चाहती?"

"देखो कार्तिकतुम अच्छे से जानते हो कि मैं क्यों तुमसे नाराज़ हूँ।" 

"तान्या मैं तो कहता हूँ कि तुम भी महुआ से दोस्ती कर लोजानती हो वो बहुत अच्छी हैंऔर पढ़ाई में भी होशियार हैंहर साल अव्वल आती थी वोमुझे लगता हैं हमें भी उससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।"

"कार्तिक डू यू लव मी?"

"या तान्या बेबी आई. लव. यू" 

"तो फिर महुआ से दोस्ती तोड़ दोवो मुझे बिल्कुल भी पसन्द नहीं हैं।" 

"तान्या ये क्या बचपना हैंतुम्हे पहले भी समझाया था कि रंग-रूप के हिसाब से इंसान को पसन्द या नापसंद मत किया करोये ऊपरवाले की देन हैं।"

"प्लीज कार्तिकमैं तुमसे रिक्वेस्ट करती हूँ।" इस बार तान्या कार्तिक से महुआ से दूर रहने के लिए इसलिए नहीं कह रही कि वो सांवली हैं बल्कि इस बार तो तान्या को कही ना कही ये शक हो रहा हैं कि कार्तिक महुआ से प्यार करने लगा हैं।

और कुछ महीनों बाद उस वक़्त उसका ये शक यक़ीन में बदल गया जब  अनजाने में उसके हाथ कार्तिक का फोन लग गयाहुआ यूँ कि कॉलेज के किसी प्रोजेक्ट की वजह से तान्या कार्तिक के घर गयी हुई थीवो दोनों साथ बैठकर प्रोजेक्ट बना ही रहे थे कि अचानक से कार्तिक को किसी काम से बाहर जाना पड़ालेकिन वो अपना फोन उसी जगह भूल गया जहाँ वो प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थेकार्तिक के फ़ोन पर बार-बार आती हुई मैसेज टोन से तान्या परेशान हो गयी और वो फ़ोन देखने से खुद को रोक ही नहीं पाईलेकिन जैसे ही उसने मैसेज पढ़े उसके पैरों तले ज़मीन ही खिसक गयीये सारे के सारे मैसेज महुआ के थेजिन्हे पढ़कर साफ़ पता चल रहा था कि महुआ व कार्तिक एक दूसरे से प्यार करते हैंये सब देख तान्या वहाँ एक पल भी नहीं रुक पाई और बिना किसी से कुछ कहे कार्तिक के घर से निकल सीधी महुआ घर पहुँच गयी।

"हाय महुआकैसी हो?"

"तान्या तुम यहाँ मेरे घर पर?" महुआ तान्या की ओर आश्चर्य से देखने लगी। 

"क्यों नहीं आ सकती क्या?" 

"नहीं ऐसी कोई बात नहीं हैंबैठों, क्या लोगी, चाय, या कॉफ़ीया फिर कुछ ठंडा?" 

"कुछ नहींबस तुमसे एक वादा चाहती हूँ।"

"वादाकैसा वादामैं कुछ समझी नहीं" 

"महुआज्यादा होशियार बनने की कोशिश मत करोतुम अच्छे से जानती हो कि कार्तिक सिर्फ मेरा हैंफिर भी तुमने उसे अपने प्यार के जाल में फँसा लिया।" 

"यहाँ तुम गलत हो तान्यामैंने कार्तिक को अपने जाल में नहीं फँसाया हैंबल्कि पहले उसे ही मुझसे प्यार हुआ थाकितना अजीब हैं ना तान्या एक लड़का अपनी खूबसूरत सी दिखने वाली गर्ल-फ्रेंड को छोड़कर एक काली-कलूटीबदसूरत लड़की का आशिक़ हो जाता हैंजानती हो दरअसल कार्तिक ने मेरे तन की खूबसूरती को नहीं बल्कि मेरे मन की खूबसूरती को देखा हैं।" 

"तुम्हारे मन की खूबसूरती माय फुटआई हेट यूऔर तुम्हारी भलाई इसी में हैं कि तुम मेरे कार्तिक का पीछा छोड़ दो।"

"नहीं तान्या अब ये सम्भव नहीं हैंपहले तो कार्तिक ही मुझसे प्यार करता थालेकिन अब तो मैं भी उससे प्यार करने लगी हूँ।" 

"देखो महुआमैं तुम्हे प्यार से समझा रही हूँसमझ जाओवरना" 

"वरनावरना क्या तान्या, क्या कर लोगी तुम मेराबोलो क्या कर लोगी....आ ......माँमाँ...... काकाकार्तिक......." महुआ के प्राण निकल गएतान्या ने उसे गला घोंटकर मार डालाऔर खुद कमरे से इस मासूमियत से निकलकर चली गयी जैसे कि कुछ हुआ ही ना हो।

अगले दिन कॉलेज में

"तुम लोगो को पता है किसी ने महुआ का खून कर दिया।"

"कितने आश्चर्य की बात हैं येभला कौन उस लड़की का खून करेगा।" 

"कहीं ऐसा तो नहीं किसी ने पैसों के लिए उसका खून कर दिया हो।"

"नहींनहीं ऐसा नहीं हो सकतामैंने सुना हैं बहुत ही गरीब घर से थी वो"

"तो फिर भला क्या हुआ होगा" सब आपस में बातें कर अपने-अपने हिसाब से अंदाज़ा लगा रहे थे।

दूसरी ओर कार्तिक महुआ की मौत की वजह से बहुत परेशान थाऔर उसकी इसी परेशानी में उसे तान्या ने बखूबी संभालाउसने कार्तिक का इतना ध्यान रखा कि कार्तिक को फिर से उससे प्यार होने लगालेकिन सच ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकता थापुलिस ने महुआ के कातिल के रूप में तान्या की पहचान कर ही ली। 

"तान्या तुमतुमने छीना हैं मुझसे मेरी महुआ कोक्यों किया तुमने ऐसा?"

"हाँ कार्तिक मैंने ही मारा हैं महुआ कोऔर इस बात का मुझे कोई अफ़सोस नहीं हैंजो भी हमारे प्यार के रास्ते में आएगा उसे मैं ख़त्म कर दूँगीइसके लिए मुझे चाहे कितनी बार ही जेल क्यों ना जाना पड़े।"

"तुम्हारा दिमाग खराब हैंपागल हो तुम तान्याअरे ज़बरदस्ती किसी को अपना नहीं बनाया जा सकतानहीं करता अब मैं तुमसे प्यार"

"कार्तिक क्या नज़र आया तुम्हे उस महुआ में जो मुझ में नहीं हैंबल्कि मैं तो उससे लाख गुना ज्यादा खूबसूरत हूँ।"

"उसकी सादगीभोलापनसच्चाईसभी छोटो के लिए उसके दिल में ढेर सारा प्यारबुज़ुर्गो के प्रति सम्मान और हमउम्र लोगो के प्रति अपनापनयही सब बातें उसकी मुझे भा गयी थी तान्याजो तुममें दूर-दूर तक नहीं हैंऔर तुमने उसे मुझसे छीन लियामैं तुम्हे कभी माफ़ नहीं करूँगाआई.हेट. यू. तान्याआई.हेट,यू."

"ऐसा मत बोलो कार्तिकमत करो मुझसे नफरत" तान्या कार्तिक के आगे गिड़गिड़ाने लगी। 

"ऐ लड़कीबकवास बंद कर अपनीतेरी अक्ल तो जेल में ही ठिकाने लगेगी।" ऐसा कहते हुए लेडी हवलदार ज़बरदस्ती तान्या को पुलिस की जीप में बैठाने लगीऔर तान्या चिल्लाती रही कार्तिककार्तिक" 

 

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