Adjustment / अजस्ट्मन्ट (Article On Married Life )
“क्या बात है शालिनी, बड़ी चमक रही हो आज इस पर्ल सेट में” कल मेरे घर पर चल रही लेडिज किटी पार्टी में रमी खेलते हुए पल्लवी ने कहा।
“गजब ! मुझे भी चाहिए ऐसा ही सेट कहाँ से खरीदा।“ इतने में ही रानों बोली।
“ये तो मेरे Husband
लाए है।“ शालिनी जो की हमारे ग्रुप में सबसे ज्यादा
इन्ट्रोवर्ट थी के इतना कहते ही किटी पार्टी में आयी सभी लेडिज उसका पर्ल सेट
देखने लगीं।
“Wow, you are very lucky Shalini” इतने में ही नीरू ने कहा।
“नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, उन्हे पसंद आया तो ले आए।“
“इसका मतलब तुम्हें पसंद नहीं।“ मैंने एकाएक कहा।
“पसंद है, लेकिन डिजाइन इतना नहीं।“ शालिनी ने धीमे से कहा।
“हाँ, बात तो सही है, डिजाइन थोड़ा और अच्छा हो सकता था, चलो कोई बात नहीं,
तुम्हारे पास असली पर्ल सेट है, ये क्या कोई कम बात है। पल्लवी ने शालिनी का सेट
हाथ से टटोलते हुए कहा।
“Oh come on
ladies, अगर पति ने एक सेट
दिलवा दिया तो वो कोई महान नहीं हो गया, सुना नहीं ये इसके पति की पसंद है ना कि
इसकी” मेरे कहते ही,
“हाँ बात तो तुम्हारी सही है, लेकिन पर्ल सेट लेकर कितने पति आते हैं, पसंद
या नापसंद लाए तो सही, हमारे तो माँगने पर भी नहीं दिलवाते।“ इस बार अवन्तिका ने
अपना मुँह खोला।
“हाँ, लेकिन दिलवाना ही था तो शालिनी की पसंद का भी तो दिलवा सकते थे।“
मैंने कहा,
“दीप्ति, कोई बात नहीं, अब मुझे ये पसंद आने लगा है।“ शालिनी के कहने के
अंदाज से कुछ ऐसा लगा कि वो इस मुद्दे पर और बात नहीं करना चाहती।
“हाँ, इतना बुरा भी नहीं है, वैसे तुम साथ नहीं गयी थी क्या ये खरीदने?”
मैंने पूछा।
“ओह सप्राइज़......क्या बात है” शालिनी कुछ कहती इससे पहले ही रानों बोल
पड़ी।
“नहीं, मुझे ज्वेलरी चाहिए थी, पिछले कई दिनों से इनसे कह रही थी, जब भी
कही शादी-ब्याह या पार्टी में जाना होता था तो नए फैशन की ज्वेलरी किसी ना किसी से
माँगनी पड़ती थी, तो इन्होंने कहा कि ये ही अपनी पसंद की खरीद लायेंगे।“
“तुमने कहा नहीं की ये तुम्हें पसंद नहीं।“ मैंने शालिनी से पूछा।
“नहीं, कोई बात नहीं, इनकी पसंद मेरी पसंद, अब रमी continue करो।“ साफ ज़ाहिर हो रहा था कि शालिनी इस टॉपिक पर कोई बात नहीं करना चाहती,
फिर भी मैंने कहा,
“तुम आज ये सेट अपने पति के कहने पर यहाँ पहनकर आयी हो ना”
“हम्म, उन्होंने ही पहनाया था प्यार से”
‘प्यार से......यार कुछ भी हो शालिनी का पति, है बड़ा रोमांटिक, इसके कहते
ही पर्ल सेट लाकर दे दिया, और पहनाया भी खुद के ही हाथों से, काश हमारे पति भी ऐसे
ही होते, वैसे कपल हो तो शालिनी और उसके पति जैसा, ना कभी लड़ते हैं और ना ही झगड़ते
हैं, दोनों कितना adjust करते हैं एक दूसरे के साथ, तब ही तो इनका रिश्ता इनके
प्यार की बुनियाद पर टिका हुआ है।“ नीरू की बातों से साफ ज़ाहिर हो रहा था की वो
शालिनी से ईर्ष्या कर रही है।
“कोई बड़ी बात नहीं है एक सेट दिलवा भी दिया तो, इतनी महँगी चीज है, शालिनी
को पहननी है, कम से कम उसकी पसंद की तो लेनी चाहिए थी, या फिर उसकी पसंद पता करनी
चाहिए थी।“ मेरे कहते ही,
“मुझे जाना होगा, कुछ काम याद आ गया।“ इतना कहते ही शालिनी अपना बैग ले उठ
खड़ी हुई।
“क्या ? नाश्ता तो कर लो।“ मैंने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं
रुकी, उसके जाने के बाद बाकी लेडिज को भी किटी में कोई इन्टरेस्ट नहीं रहा, और फिर
सभी नाश्ता कर अपने-अपने घर के लिए निकल गयी।
रात में बस यही सोचती रही की क्या वास्तव में शालिनी और उसके पति के बीच
में Understanding
है, दोनों adjust करते हैं या फिर
शालिनी ही खुद को अपने पति के हिसाब से adjust कर लेती है,
उसकी हर खुशी में अपनी खुशी ढूँढ लेती है, यूँ तो ये सवाल उनकी पर्सनल ज़िंदगी के
बारे में है, जिसका जवाब शायद मैं साफ-साफ नहीं दे सकती, लेकिन ये बात ज़ाहिर है कि
एक सफल वैवाहिक जीवन का राज पति-पत्नी का एक दूसरे के साथ adjust करना या दोनों में से किसी का रोमांटिक होना ही नहीं होता, बल्कि पति-पत्नी
का खुद को एक दूसरे के हिसाब से ढ़ाल लेना भी होता है, मेरे हिसाब से जरूरी नहीं की
वैवाहिक जीवन अच्छा चल रहा है इसका मतलब पति अच्छा है, बल्कि वो Dominating भी हो सकता है, और बीवी घर में शांति बनाए रखने के लिए उसके आगे झुक जाती
हो, लेकिन ये हो सकता है की पत्नी dominating हो और
पति उसके हिसाब से adjust कर रहा हो, कुछ भी हो सकता है, पति या पत्नी का Financially एक दूसरे पर depend होना भी हो सकता है, या फिर कोई भी कारण हो सकता है, और
ये भी हो सकता है की दोनों ही बिना किसी दबाव के एक दूसरे के साथ खुश हो। अगर ये
कारण है तो ठीक है, और अगर दोनों में से कोई भी दबाव में आकर वैवाहिक जीवन को सफल
बनाए रखने की कोशिश कर रहा है तो ये कम से कम मेरी नजर में तो गलत है, क्योंकि ऐसे
रिश्ते लंबे नहीं चलते और चलते भी है तो जबरदस्ती से, इसलिए कम से कम एक पति-पत्नी
का वैवाहिक जीवन ऐसा होना चाहिए जिसमे दोनों पति-पत्नी के दूसरे के साथ दिल से खुश
हो, ना की दुनिया के सामने खुश होने और अपने सफल वैवाहिक जीवन
का ढोंग करें।
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